माँ बंगलामुखी के धाम में maa baglamukhi ke dham me

माँ बंगलामुखी के धाम में

अजब निराली शक्ति है माँ; माँ बगलामुखी के नाम में,
इच्छापूर्ण हो जाए; माँ बंगलामुखी के धाम,

जो चाहो वह मिल जाए; माँ कभी ना देर लगाए,
जो भी आऐ द्वार मईया के; सब की आस पूजाए,
हर पल आप सहाई होती; भक्तों के शुभ काम मै,

गुरुवार को मईया के; दरबार पर मिले लगते हैं,
शंखनाद घड़ियाल नगाड़े; माँ के दर पर बजते हैं,
झूम रहे हैं भक्त मंदिर में; रात और दिन सुबह शाम में,

बनखंडी पर्वत से चलकर; आई आध भवानी ,
बंगलामुखी धाम में बैठी; जगजननी महारानी ,
दुष्टों का नाश है करती; उनके बुरे परिणाम में ,

पीले वस्त्र पहन पुजारी; माँ का ध्यान लगाते हैं ,
योगीराज सत्यनाथ जी; हवन यज्ञ करवाते हैं ,
पीले वस्त्र है शोभा देते; माँ की सुंदर शाम में

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