🕉️ नाम जप महिमा 🕉️ नाम जप (ईश्वर के पवित्र नाम का निरंतर स्मरण) कलियुग में मोक्ष और शांति का सबसे सरल, प्रभावी उपाय है। यह मानसिक तनाव कम कर एकाग्रत
🕉️ नाम जप महिमा 🕉️
नाम जप (ईश्वर के पवित्र नाम का निरंतर स्मरण) कलियुग में मोक्ष और शांति का सबसे सरल, प्रभावी उपाय है। यह मानसिक तनाव कम कर एकाग्रता, दिव्य ऊर्जा, और निस्वार्थ प्रेम (प्रेम लक्षणा भक्ति) बढ़ाता है, साथ ही जन्मों के पाप नष्ट कर मन को शांत करता है। यह एक ऐसी साधना है जिसके लिए किसी विशेष नियम की आवश्यकता नहीं होती।नाम जप की प्रमुख महिमा और लाभ:
पापों का नाश और मानसिक शांति:
नियमित नाम जप से मन के विकार दूर होते हैं, दया-क्षमा जैसे दैवी गुण प्रकट होते हैं, और मानसिक अशांति शांत होती है।
एकाग्रता और मानसिक शुद्धि:
नाम जप मन को भोगों से हटाकर ईश्वर में लगाता है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है और पुराने बुरे संस्कार नष्ट होते हैं।
हर स्थिति में सफल:
यह माना जाता है कि नाम जप से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
जीवन में सकारात्मक बदलाव:
नाम जप के प्रभाव से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
सरल साधना:
इसके लिए किसी खास गुरु, मंदिर या स्थान की आवश्यकता नहीं है, इसे कभी भी, कहीं भी जपा जा सकता है।
नाम जप कैसे करें?
- निरंतरता: नाम जप को वाणी से, कंठ में, हृदय में और अंततः श्वास में उतारने का प्रयास करें।
- अखंड जाप: प्रेमी जन (भक्त) मानते हैं कि श्वास-श्वास में नाम रटना (अजपा जाप) सर्वोच्च है।
- समय: सुबह उठकर या दिन के किसी भी समय, विशेषकर सोते समय भी किया जा सकता है। 10 मिनट भी नाम कीर्तन घर को तीर्थ बना सकता है।
यदि जप के दौरान मन में नकारात्मक विचार आ रहे हैं, तो यह डरने की बात नहीं है, बल्कि यह एक सफल शुद्धि प्रक्रिया है, जहाँ मन की कीचड़ (अशुद्धि) बाहर निकल रही है।
निष्कर्ष:
नाम जप जीवन में सकारात्मकता, शांति और ईश्वर से जुड़ाव लाने का एक अचूक साधन है, जो नश्वर संसार में शाश्वत शक्ति प्रदान करता है। आज के समय में मनुष्य पैसे, सुख और भौतिक वस्तुओं के पीछे दौड़ रहा है, लेकिन “नाम रूपी धन“ को भूल गया है। यह ऐसा खजाना है जो सब कुछ दे सकता है – धन, संतान, सुख, शांति, मोक्ष और भगवान का साक्षात्कार।
नाम जप के परिणाम:
अमृत स्वरूप:
शुरुआत में जप विष जैसा कठिन लग सकता है, लेकिन इसका परिणाम अमृत (परमानंद) है।
संरक्षण:
यह आपको सांसारिक मोह-माया और बुरी आदतों से बचाता है।
नोट : पूज्य प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, सोते समय भी नाम जप करने से वह नींद 'समाधि' बन जाती है।
तेरह करोड़ नाम जपने पर क्या होता है?
साधक स्वयं तो मुक्त होता ही है, वह दूसरों को भी मोक्ष दिला सकता है। यह अवस्था महात्माओं की होती है।
साधक दूसरों को उद्धार कर सकता है।
वह परम कृपालु बन जाता है।
उसकी वाणी से निकले हर शब्द साधक को प्रभावित करता है।







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